Kalamba Lake

कळंबा झील

कळंबा झील कोल्हापुर शहर के बाहरी क्षेत्र में लगभग 3 मील की दूरी पर स्थित है। शहर से बाहर होने के बावजूद इसका कोल्हापुर के लिए विशेष महत्व है। कोल्हापुर शहर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस झील का निर्माण वर्ष 1873 में किया गया था।


इस झील का कुल क्षेत्रफल 63.13 हेक्टेयर है और इसके निर्माण पर उस समय लगभग 1,86,000 रुपये खर्च किए गए थे। यह झील के निकट स्थित कात्यायनी पहाड़ी से आने वाली जलधारा से भरती है। यह पहाड़ी प्राचीन देवी कात्यायनी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।


शीत ऋतु के दौरान यहाँ अनेक प्रवासी पक्षी आते हैं, इसलिए यह क्षेत्र पक्षी अवलोकन (Bird Watching) के लिए प्रसिद्ध है। यह झील समृद्ध जैव विविधता को बनाए रखने की क्षमता रखती है।


यह झील शहर के बड़े हिस्से की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करती है तथा मछली पकड़ने के लिए भी उपयोगी है। कुछ लोग यहाँ से कमल के फूल एकत्र करके उन्हें भक्तों को बेचते हैं, जिससे उन्हें आय प्राप्त होती है। इसके अलावा कुछ किसान सिंचाई तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए झील के पानी का उपयोग करते हैं।


 


कळंबा झील को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम ने इस क्षेत्र को गैर-विकास क्षेत्र (Non-Development Zone) घोषित किया है।