विठ्ठल मंदिर (मिरजकर तिकटी
विठोबा का यह मंदिर सुभाष चौक के निकट दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। माना जाता है कि इसका निर्माण लगभग उसी काल में हुआ था, जिस समय महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण हुआ था। एक विशाल परिसर में पाँच मंदिर स्थित हैं तथा यहाँ सैकड़ों यात्रियों के ठहरने योग्य एक बड़ी धर्मशाला भी है।
दाईं ओर स्थित मुख्य विठोबा मंदिर पत्थर से निर्मित है और इसकी वास्तुकला महालक्ष्मी मंदिर से मिलती-जुलती है। मंदिर के सामने हाल के समय में निर्मित एक दो-मंजिला लकड़ी का मंडप है। बाईं ओर स्थित प्राचीन विश्वेश्वर मंदिर की शैली भी विठोबा मंदिर के समान है।
मंदिर का प्रवेशद्वार भव्य है और इसके ऊपरी भाग में विशाल कमरे बने हुए हैं। हिंदू माह आषाढ़ (जून–जुलाई) और कार्तिक (अक्टूबर–नवंबर) की शुक्ल एकादशी के अवसर पर भगवान विठोबा के सम्मान में यहाँ मेले आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालु बेलपत्र, तुलसी और पुष्प अर्पित करते हैं।
प्रवेशद्वार के ऊपर बने कमरे तथा उसके दोनों ओर की इमारतें वर्तमान में एक विद्यालय द्वारा उपयोग की जा रही हैं। विठोबा मंदिर को छोड़कर अन्य मंदिर कुछ हद तक उपेक्षित दिखाई देते हैं और उनमें जर्जरता के संकेत भी देखने को मिलते हैं।