Gaganbawda

गगनबावडा

गगनबावड़ा, कोल्हापुर जिले में पश्चिमी घाट (सह्याद्रि पर्वतमाला) की गोद में बसा एक सुंदर पर्वतीय तालुका है। यह गगनगढ़ (गगनबावड़ा किला) तथा अत्यधिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध है। कोल्हापुर शहर से लगभग 55 कि.मी. दूर होने के बावजूद यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और पहाड़ी वातावरण के लिए जाना जाता है।


गगनबावड़ा की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ से करूल घाट और भुईबावड़ा घाट नामक दो अलग-अलग घाट मार्ग दो दिशाओं में निकलते हैं। एक ही स्थान से दो प्रमुख घाट मार्गों का प्रारंभ होना अत्यंत दुर्लभ है।


बस स्टैंड से बाईं ओर जाने वाला मार्ग करूल घाट की ओर जाता है। यह घाट गगनबावड़ा गाँव से लगभग 1 कि.मी. आगे शुरू होकर सिंधुदुर्ग जिले के वैभववाड़ी तालुका से होते हुए तलेरे (राष्ट्रीय राजमार्ग 17) तक पहुँचता है। लगभग 11 कि.मी. लंबा यह घाट विशेष रूप से वर्षा ऋतु में अपनी हरियाली, झरनों और धुंध से ढके मनोहारी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।


बस स्टैंड से दाईं ओर जाने वाला मार्ग भुईबावड़ा घाट की ओर जाता है। लगभग 10 कि.मी. लंबा यह घाट वैभववाड़ी से होकर भुईबावड़ा और आगे खारेपाटन (राष्ट्रीय राजमार्ग 17) तक जाता है। यह मार्ग विशेष रूप से रत्नागिरी जिले के राजापुर क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक है।


 


घने वन, ठंडा मौसम, सुंदर घाट मार्ग और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य गगनबावड़ा को प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक उत्कृष्ट पर्यटन स्थल बनाते हैं।