सेनापती धनाजी जाधव स्मारक
सेनापति धनाजी शंभूसिंह जाधव (1650–1708) मराठा साम्राज्य के महान योद्धा और कुशल सैन्य रणनीतिकार थे। उन्होंने अपने साहस, नेतृत्व और युद्ध कौशल से मराठा इतिहास में अमिट स्थान प्राप्त किया।
1689 से 1696 के बीच उन्होंने सेनापति संताजी घोरपड़े के साथ मिलकर मुगल सेना के विरुद्ध लगातार सफल सैन्य अभियान चलाए और उन्हें कई बार पराजित किया। इन अभियानों ने मराठा साम्राज्य की शक्ति को और अधिक सुदृढ़ बनाया।
1696 में संताजी घोरपड़े के बाद धनाजी जाधव को मराठा सेना का सरसेनापति नियुक्त किया गया। उन्होंने 1708 में अपने निधन तक इस पद पर रहकर मराठा साम्राज्य की रक्षा और विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आज उनका स्मारक मराठा वीरता, त्याग और देशभक्ति का प्रेरणादायक प्रतीक माना जाता है।