मुडागढ़ किला
स्थान: कोल्हापुर से लगभग 50 कि.मी. उत्तर-पश्चिम
बेस गाँव: बाजार भोगाव
समुद्र तल से ऊँचाई: 698 मीटर
संक्षिप्त इतिहास
मुडागढ़ किला का उल्लेख 1748 ई. के पत्रों में मिलता है। छत्रपति शिवाजी महाराज के निधन के बाद यह किला पेशवाओं (छत्रपति शाहू महाराज के प्रधानमंत्री) के नियंत्रण में था।
मराठा साम्राज्य के आंतरिक संघर्ष के दौरान तुलाजी आंग्रे ने इस किले पर अधिकार कर लिया। बाद में इसे करवीरकर और सावंतवाड़ीकर ने पुनः प्राप्त किया।
1839 ई. के दस्तावेजों के अनुसार करजिडा घाट की सुरक्षा के लिए यहाँ ज्योतिबाजीराव चव्हाण की नियुक्ति की गई थी।
इस किले का उपयोग मुख्य रूप से करजिडा घाट और कोंकण क्षेत्र पर निगरानी रखने के लिए वॉच टॉवर के रूप में किया जाता था। आज यहाँ किले के अधिक अवशेष नहीं मिलते।
दर्शनीय स्थल
- हाथी झील (Hatti Lake)
- करजिडा घाट का दृश्य
- घने जंगल का सुंदर दृश्य
ठहरने की व्यवस्था
यहाँ कोई होटल या भोजनालय उपलब्ध नहीं है।
किले पर जाने के लिए गाइड लेना अत्यंत आवश्यक है।