Jotiba Temple

ज्योतिबा मंदिर

समुद्र तल से लगभग 1,000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित ज्योतिबा मंदिर, कोल्हापुर से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में वाड़ी रत्नागिरी में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। अठारहवीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर अपनी उत्कृष्ट स्थापत्य कला और धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है।

महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से लाखों श्रद्धालु अपने कुलदेवता भगवान ज्योतिबा के दर्शन के लिए यहाँ आते हैं। भगवान ज्योतिबा को दक्कन का राजा तथा केदारेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव, महालक्ष्मी, यमाई, चोपड़ाई और केदारनाथ को उनके दिव्य परिवार का हिस्सा माना जाता है।

मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 125 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। मंदिर परिसर में हरिनारायण और काशी विश्वेश्वर के दो प्राचीन मंदिर भी स्थित हैं। दक्षिणमुखी घोड़े पर विराजमान भगवान ज्योतिबा की प्रतिमा चार भुजाओं वाली है, जिनमें तलवार, पानपात्र, डमरू और त्रिशूल धारण किए हुए हैं।

भगवान ज्योतिबा को ब्रह्मा, विष्णु, महेश तथा ऋषि जमदग्नि के तेज का संयुक्त अवतार माना जाता है।

प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल एकादशी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु ज्योतिबा पर्वत पर एकत्रित होते हैं। इस दिन भक्त सासनकाठी लेकर नृत्य करते हुए अपनी श्रद्धा और आनंद व्यक्त करते हैं। इसके अतिरिक्त चैत्र और वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ भव्य और रंगारंग मेला आयोजित होता है।

निकटवर्ती पर्यटन स्थल :

  • पन्हाला किला – 12 किमी
  • आंबा – 55 किमी